किसी की मजाक न उड़ाए kisi ki majak na banaye


किसी की मजाक न उड़ाए kisi ki majak na banaye 

किसी की मजाक न उड़ाए kisi ki majak na banaye
किसी की मजाक न उड़ाए kisi ki majak na banaye 

नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है आज मैं आपको
एक ऐसी कहानी बताऊंगा जिसे सुनने के बाद आपका
दिल सहम सकता है तो अगर अपने थोड़ा अपने दिल को संभाल लिया
तब तो इस कहानी को आप सुनिए

एक बार एक पिता अपने 22 साल के नौजवान पुत्र के साथ
 ट्रेन से कहीं जा रहे थे जैसे ही ट्रेन में बैठे तो उनके बेटे ने उनसे
 खिड़की वाली सीट पर बैठने के लिए आग्रह किया तो पिता ने
अपने बेटे की बात को रखते हुए
उसको खिड़की वाली सीट दे दी

दोनों पिता पुत्र  कुछ देर बाद अजीब सी  हरकत करने लगे
बगल में बैठी महिला सोच रही थी कि ये
क्या हो रहा है
हो सकता है कि यह मजाक कर रहे हो

लेकिन जैसे ही ट्रेन चली तो उस बेटे ने कहा कि पापा देखो पेड़
 पीछे छूट रहे हैं सब लोग पीछे छूट रहे हैं हम आगे बढ़ रहे हैं
उस महिला से रहा नहीं गया भाई साहब अगर
आप बुरा ना माने तो आपको एक बात  कहे

पिता ने कहां 
कहिये

आपके बेटे को इस तरीके की प्रॉब्लम है तो
आप एक अच्छे से डॉक्टर को क्यों नहीं दिखा लेते मेरे समूह  में एक डॉक्टर है
आप कहे  तो मैं आपकी बात डॉक्टर से करवा  देती हूं

आदमी का क्या जवाब था सुनिए

उसने कहा कि हम इसे डॉक्टर के पास ही दिखा कर आ रहे हैं
 मेरे बेटे की बचपन से देखने लायक आंखें नहीं थी यह अंधा था
और आज ही उसकी आंखें ठीक हुई है तो इसलिए ऐसी हरकतें कर रहा है
क्योंकि इसमें दुनिया आज देखी है

 महिला नजर मिलाने लायक नहीं  रही

मतलब आप सामने वाले को उसकी बुरी कंडीशन में देखते हुए
आप उसको हंस रहे हो तो
यह तो ठीक नहीं है ना

इसलिए इस कहानी के माध्यम से मैं यह कहना चाहता था कि कभी भी
दूसरों की किसी भी सिचुएशन हो आप
उनके बारे में गलत ना सोचे

लोगों को जज करना छोड़िए

हमेशा हो सकता है कि आप जिस दृष्टिकोण
 से लोगों को देख रहे हैं वह वैसे है नहीं
तो आशा करता हूं कि आपको समझ आ गई होगी
आपका कीमती समय देने के लिए  शुक्रिया
किसी की मजाक न उड़ाए kisi ki majak na banaye किसी की मजाक न उड़ाए kisi ki majak na banaye Reviewed by Admin on February 11, 2020 Rating: 5

No comments:

Plz do not publish spam comment

Blog Archive

Powered by Blogger.