सकारात्मक रहे sakaratmak rahe

सकारात्मक रहे sakaratmak rahe 

सकारात्मक रहे sakaratmak rahe
सकारात्मक रहे sakaratmak rahe 

नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है
 आज  मैं आपको एक ऐसी कहानी बताऊंगा 
इसको सुनने के बाद आपका ऊपर वाले के ऊपर विश्वास और भी
 बढ़ जाएगा चलिए इस कहानी को शुरू करते है


एक इंसान था उसको घूमने फिरने का काफी शौक था
 एक दिन वह घूमने के लिए रेगिस्तान की तरफ निकल पड़ा 
उसके पास खाने पीने की चीजे भी थी  वह  धीरे-धीरे खत्म हो रही थी
 अब एक वक्त ऐसा आया कि 
उसके पास खाने-पीने की सारी चीजें खत्म हो गई थी 


यहां तक भी ठीक है लेकिन सबसे जरूरी बात यह थी कि 
अब उसके पास पीने का पानी तक नहीं था 
वह परेशान था वह आगे बढ़ता गया और उसने देखा आगे कुछ है
 पलट के देखा  कि उसे एक झोपड़ी दिखाई देती है 
अब उसके दिमाग में विचार  आता है 

कि क्या पता इस झोपड़ी के अंदर मुझे कोई दिखे या ना दिखे 
कुछ भी हो सकता है 
वह झोपडी   के पास गया दोस्तों और वह उसके पास
 जाकर देखता है कि वहां पर कोई नहीं था झोपड़ी बिल्कुल वीरान  थी 

और वहां पर बिल्कुल सन्नाटा था 
वह इधर उधर अपनी निगाहें फिरता है और देखता है कि
 वही बगल में उसे एक हैंडपंप उसको दिखाई देता है 
लेकिन वह सोचता है कि ऊपर वाले का शुक्रिया कि 
अब उसे पीने का पानी मिल सकता है तो दोस्तों वह हेड पंप के पास जाता है 
चार से पांच बार प्रयास करने के बाद उसको असफलता हाथ लगती है 

वह बहुत परेशान होने लग जाता है तभी अचानक 

झोपड़ी के ऊपर एक बोतल लगी हुई होती है और 
ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करता है कि धन्यवाद जो मुझे पानी की यह बोतल  दिखाई दी 

जैसे ही वह बोतल का पानी पीने लगता  है तो उसमें एक चीज लिखी हुई थी
 की यह बोतल का पानी हैंडपंप में  डाले और हेड पंप से पानी निकाल कर पिए और
 वापस बोतल को भरकर  के  यथा स्थान पर रख दें 
अब उसके दिमाग में दो खयाल है या तो 
 पानी पी के निकल ले या फिर जैसा इस पर्ची में लिखा हुआ था वैसा ही  करें


फाइनली उसने अपने दिल की सुनी
 और उसने जो पर्ची में लिखा हुआ था वहीं उसने किया
 बोतल का पानी हैंडपंप में डाला और हेडपंप से निकाल कर पानी पिया 
और वापस बोतल को भरकर के  स्थान पर रख दिया 
अब उसको  वहां पर एक नक्शा दिखाई दिया और पेंसिल का टुकड़ा दिखाई दिया 
नक़्शे पर तो बाहर  आने का रास्ता लिखा हुआ था अब 
 उसने पेंसिल की सहायता से   कागज पर लिखा की
 यकीन मानिये की यह तरीका  काम करता है और
  उस बोतल पर चिपका दिया काम करता है 

इस कहानी का सीधा सादा संदेश के लिए अगर 
हमारा ऊपर वाले के ऊपर विश्वास होता है और
 हम विश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं और  कोई न कोई ताकत हमारी मदद
 जरूर करती है चाहे फिर घटना कैसी भी हो  

लेकिन इस कहानी से आपने क्या सीखा 
मुझे लगता है कि हमे सकारात्मक रहकर ही आगे बढ़ना चाहिए अगर हम किसी भी परिस्थति में है लेकिन हम सकारात्मक है तो कोई न कोई रास्ता जरूर निकल आता है 
मुझे पूरी उम्मीद है कि  आपको भी यह कहानी अच्छी लगी होगी अगर  आप और भी कहानियो कको पढ़ना चाहते हो तो आप बिलकुल सही जगह हो यह पर आपको motivational  stories  का खजाना मिलेगा 
आपका कीमती समय देने के लिए और इस कहानी को पढ़ने के लिए दिल से आपका 
 शुक्रिया
सकारात्मक रहे sakaratmak rahe सकारात्मक रहे sakaratmak rahe Reviewed by Admin on March 13, 2020 Rating: 5

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